फ़िरोज़ खान, बारां (राजस्थान), NIT; पूर्व मंत्री प्रमोद भाया एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष पानाचंद मेघवाल ने जारी वक्तव्य में बताया कि परवन वृहद सिंचाई परियोजना के मुख्य बांध के निर्माण को प्रारंभ करने में किसी प्रकार की रूकावट एवं तकनीकी बाधाएं नहीं है, भाजपा शासन ने राजनैतिक द्वेषता से इसे तीन वर्ष तक बिना कारण रोके रखा जिसके लिए बारां जिले का किसान इन्हें कभी माफ नहीं करेगा। उन्होनें बताया कि भारतीय किसान संघ जिला बारां के पदाधिकारियों को राजस्थान के जल संसाधन मंत्री एवं प्रमुख शासन सचिव द्वारा बताया गया कि परवन सिंचाई परियोजना का रकबा 131400 हैक्टेयर से बढ़ाकर दो लाख हैक्टेयर कर दिया है एवं बढ़े हुए रकबे की डीपीआर केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दी है। भाया ने कहा कि जल संसाधन मंत्री एवं प्रमुख शासन सचिव, किसान संघ के पदाधिकारियों को झूंठी जानकारी देकर गुमराह कर रहे है जबकि वास्तविकता यह है कि बांध की ऊंचाई, लंबाई एवं चैडाई का क्षेत्र वही है, जिसकी केन्द्रीय जल आयोग, नई दिल्ली से कांग्रेस शासन के दौरान स्वीकृति जारी करवायी गई थी। बांध की जल भराव क्षमता प्रस्तावित सिंचित क्षेत्र से तीन गुना अधिक रखी गई थी। इसकी तीन गुना अधिक भराव क्षमता इसलिए प्रस्तावित की गई थी ताकि आने वाले समय में सिंचाई का रकबा बढने पर भी सिंचाई के लिए पानी की कमी किसानों को महसूस नही हो। सिंचित क्षेत्र बढ़ने से सिर्फ नहर एवं वितरिकाताओं की लंबाई बढ़ेगी। भाया ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान 653 करोड़ की निविदाएं भी मुख्य बांध के निर्माण के लिए निकाली गई थी, जिसमें सारी भूमि सरकारी है तथा बांध निर्माण करवाए जाने को लेकर किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे नित नए बहाने बनाकर परियोजना को खत्म करना चाह रही है।
पूर्व मंत्री भाया ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान स्वीकृत परवन वृहद सिंचाई परियोजना के लिए राजस्थान की भाजपा सरकार द्वारा अपनी तरफ से की गई देरी की गलती को छुपाने के लिए भारतीय किसान संघ बारां के पदाधिकारियों को गलत जानकारी दी जाकर बारां जिले के किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी कांग्रेस पार्टी निंदा करती है। उन्होनें भारतीय जनता पार्टी शासन को परवन बांध की जारी निविदाओं को स्वीकृत कर मुख्य बांध का निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक मुख्य बांध का मौके पर निर्माण प्रारंभ नही होगा उनकी पदयात्राएं बदस्तूर जारी रहेगी।
Discover more from New India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.