महिलाओं को आगे बढ़ाने में सिर्फ महिलाओं का ही नहीं बल्कि पुरुषों का भी बराबर का योगदन रहा है: सब जज शिल्पा प्रशांत मिश्रा | New India TimesOplus_131072

अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

महिलाओं को आगे बढ़ाने में सिर्फ महिलाओं का ही नहीं बल्कि पुरुषों का भी बराबर का योगदन रहा है: सब जज शिल्पा प्रशांत मिश्रा | New India Times

भागलपुर जिले के कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में अनुमंडल विधिक सेवा समिति और व्यवहार न्यायालय क के तत्वधन में सब जज सह अध्यक्ष शिल्पा प्रशांत मिश्रा ने कहा कि, महिलाओं को आगे बढ़ाने में सिर्फ महिलाओं का ही नहीं बल्कि पुरुषों का भी बराबर का योगदन रहा है। चाहे वह योगदान पिता के रूप में हो, पति के रूप में हो, दोस्त के रूप में हो या भाई के रूप में हो। सब जज श्रीमती मिश्रा ने कहा कि, हम यहां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मेल काउंटर को टारगेट करने के लिए यंहा एकट्ठा नहीं हुये हैं। उन्होंने कहा कि मुझे मेल काउंटर का सहयोग हमेशा मिलता था। उन्होंने कहा कि, मुझे मेल काउंटर से कोई शिकायत नहीं है, शिकायत है तो वह महिलाओं से हैं। वह खुद को अपना इतना योग्य बनाएं कि वो उस स्थान तक पहुंच पाएं। उन्होंने कहा कि, आज विश्व महिला दिवस को “फेमिकेस्ट वर्ल्ड” के रूप में मैं नहीं देखती हूं, उन्होंने कहा कि मैं “इक्वल वर्ल्ड, “हेमेटेरिया वर्ल्ड ” के रूप में देखती हूं। सब जज श्रीमती मिश्रा ने कहा कि, मैं इसी रूप में महिला दिवस को मनाना पसंद करुंगी।

उन्होंने कहा कि जहां मैं इस मंच पर खड़ी हूं। अपनी बात को आगे रख रही हूं, मेरी इस बात पर सभी लोग एगीॅ होंगे कि इसके लिए महिलाओं के साथ पुरुषों का भी समान योगदन रहा है। उन्होंने कहा कि, क्वालिटी किसी में भी हो सकती है चाहे वह मेल हो या फीमेल हो। उन्होंने कहा कि, जो आज महिलाऐं 50 प्रतिशत भागेदारी मांग रही हैं इसके लिए उन्हें इस योग्य भी बनना पड़ेगा।

मौके पर केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्या जया पांडेय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि, अगर हम गलत करेेंगे तो, वह अधिकार बंद हो जायेंगे। फिर वह किसी जरूरतमंद का नुकसान हो जाएगा। इसलिए हमें सरकर से संविधान से जो भी सुविधाएं मिली हैं उसका कर्तव्य ठीक से पालन करें, उनका दुरउपयोग ना करें। वह चीज उनको मिले जो समाज के हांसीए पर है। नहीं तो हार मानकर उन चीजों पर रोक लगाना पड़ेगा। पहले कुछ कम था तो उसे बराबर में लाने के लिए वह अधिकार दिया गया। लेकिन उन अधिकार का गलत इस्तेमल करेंगे तो वह बंद हो जाएगा, इसका महिलाएं ध्यान रखें।

कार्यक्रम में मुंसिफ सह सचिव नीलम कुमारी के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विषय पर लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं के अधिकारों और महत्व का वाचन किया गया।
मौके पर सिस्टर अनु मैथ्यू, सिस्टर टेरेसा, वरीय अधिवक्ता सह महासचिव कृष्ण देव सिंह, रेश्मा कुमारी, विनीता चौधरी, रुपम तिवारी, युवा अधिवक्ता सुमन, दीक्षा, रूपम तिवारी के अलावा प्राधिकार चंदन नाथ, रंजीत कुमार, अखिलेश कुमार, आविकाश सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम में विवेकानंद केंद्र कहलगाँव के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस अवसर केंद्र के प्रभारी रणधीर चौधरी भी थे। इस अवसर पर समाज सेवी पवन खेतन सहित अनेक लोग मौजूद थें।
मंच का संचालन प्राधिकार के मनीष पाण्डेय कर रहे थे।


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By nit

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