मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ठाकुर शिवकुमार सिंह किसान हितेषी समिति को हाई कोर्ट से स्टे मिलने और हाईकोर्ट में जीत के बाद इस संस्था के सदस्यों में उत्साह का माहौल था। लेकिन सत्ता पक्ष के राजनेताओं की साजिश के चलते एक भ्रष्टाचारी अधिकारी को यहां की कमान सौंपने से जहां निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लगा, वही सत्ता पक्ष पर भी आरोपी के छींटे पहुंच रहे हैं। आरोप है कि सत्ता पक्ष के इशारे पर इसे बेचने की साजिश हो रही है। नवलसिंह सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, नवल नगर झिरी, बुरहानपुर का निर्वाचन इन दोनों समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता की अदालत में पहुंच गया है।
इस मामले को लेकर कारखाने के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय ठाकुर शिव कुमार सिंह की विधवा पत्नी एवं कारखाने के अध्यक्ष श्रीमती किशोरी देवी शिव कुमार सिंह और उनकी टीम के सदस्यों में प्रमुख रूप से विकास पुरुष स्वर्गीय ठाकुर वीरेंद्र सिंह के सुपुत्र युवा नेता ठाकुर आदित्य वीर सिंह, डॉक्टर एस एम तारिक,, पूर्व पार्षद कद पटेल सहित अनेक समर्थकों ने मीडिया के समक्ष आज अपनी बात रखते हुए अनेक आरोप लगाएं। प्रमुख रूप से पत्रकार वार्ता में जो बिंदु सामने आए उसका सार निम्न अनुसार है: निर्वाचन माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर के आदेश दिनांक 29 जुलाई 2023 के अनुसार कारखाने के अंतिम सदस्यता सूची का प्रकाशन किया जाकर प्रारंभ हुआ है। जिसमें सभी सदस्यों को पात्र दर्शाया गया था लेकिन दिनांक 13 जनवरी 2025 को श्री एम.एल. गजभीये रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जो सूची का प्रकाशन किया गया उसमें कुछ सदस्यों को छोडकर सभी को अपात्र कर दिया गया है ताकि चुनाव निष्पक्ष ना हो।
कारखाने के निर्वाचन हेतु 161 प्रत्यायुक्तों के लिए हमारे द्वारा 150 नामांकन फार्म भरे गये जिसमे से 51 समूह के नामांकन फार्म यह कहते हुए अस्वीकार किया गया कि ’’’कारखाने की उपविधि क्रमांक 25 (दो) अ के क्रमांक 12 के अनुसार अपात्रता धारण करने से मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1962 के नियम 49 (ई/ड (5) (घ) (दो)) के अनुसार अस्वीकार किया गया’’ जो नियम विरूद्ध है। जबकि कारखाने के उपविधि क्रमांक 25 (दो) 8 (दो) कोई भी व्यक्ति समिति सोसायटी के प्रतिनिधि या प्रत्यायुक्तों के किसी निर्वाचन में मत देने के लिए हकदार नहीं होगा यदि वह उस सोसायटी या किसी अन्य सोसायटी के प्रति किसी ऐसे उधार या अग्रिम के लिए जो उसने लिया है बारह मास से अधिक का शलावधि के लिए व्यतिक्रमी रहता है।
इससे स्पष्ट है कि जो सदस्य कारखाने का ऋणी नहीं है वह मतदान के लिए पात्र होगा। जो सदस्य मतदान के लिए पात्र है वह प्रस्तावक व अनुमोदक बन सकता है। फिर भी रिटर्निंग अधिकारी द्वारा अभ्यथी के लिए लागू उपविधि के अनुसार पात्रता यदि उसके द्वारा गत दो लगातार वर्षो में कारखाने की चलने की दषा में कारखाने को अपने नाम से गन्ना प्रदाय नहीं किया गया हो का हवाला देते हुये नामांकन पत्र अस्वीकार किये गये है जो न्यायोचित नहीं है। शक्कर कारखाने का निर्माण स्व. ठाकुर शिव कुमार सिंह के अथक परिश्रमों से, यहां तक की कारखाने की स्थापना के लिए इन्होंने सांसद पद भी त्याग कर दिया जिससे क्षेत्र के हजारों किसान एवं जनता कारखाने से लाभांवित हो रहे है।
इसमें कोई शक नहीं के निमाड़ के कद्दावर नेता, जन नायक स्वर्गीय ठाकुर शिवकुमार सिंह ने जिले की इस सहकारी शक्कर का खाने को अपने खून पसीने से सींचा है और विगत 40 वर्षों से दिवंगत सांसद ठाकुर शिवकुमार सिंह के परिवार द्वारा इसे कुशलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। सहकारिता एक्ट के अनुसार संचालन करने में स्थापित रूप से कोई त्रुटि याचूक हो सकती है लेकिन उजाले की व्यापक हित में ऐसी छोटी-मोटी गलतियां नज़र अंदाज़ करके उसके विकास में योगदान देना जनहित में प्रतीत होता है। भाजपा के कद्दावर नेता, दिवंगत सांसद, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान ने भी अपने कार्यकाल में राजनीति बालाए ताक रखते हुए इस के सफल संचालन में अपना योगदान देते हुए ठाकुर शिवकुमार सिंह परिवार को सहयोग प्रदान किया था लेकिन आरोप है कि वर्तमान राजनीति और वर्तमान सत्ता अब इसके रास्ते की रुकावट बन रही है।
Discover more from New India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.